ओपिनियन तंदूर फ़िल्म क्लब: गर्म हवा की दर्शक-समीक्षा 

वह दौर बहुत मुश्किल रहा होगा। गर्म हवा  फिल्म देखकर यही महसूस हुआ। कई घर उजड़े होंगे, कई दिल टूटे

Read more

हिन्दी धारावाहिकों पर आलोचनात्मक पत्रकारिता का अभाव

दोपहर के एक या दो बजे के समय अगर आप कोई भी जाना-माना हिन्दी समाचार चैनल (एक दो को छोड़कर)

Read more

जयशंकर प्रसाद के गद्य साहित्य में पद्य और काव्यत्मकता की छाया

जय शंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के एक मूर्धन्य साहित्यकार हैं जिन्होंने कहानी, उपन्यास, नाटक तथा निबन्ध सभी विधाओं में रचना

Read more

स्त्री के अस्तित्व को ढूँढती मैत्रेयी पुष्पा की पुस्तक ‘खुली खिड़कियां’

आधुनिक हिन्दी साहित्यकारों में मैत्रेयी पुष्पा का एक अहम स्थान है। पर यह स्थान उन्होंने सुगम, सरल और लोकलुभावन साहित्य

Read more