स्त्री के अस्तित्व को ढूँढती मैत्रेयी पुष्पा की पुस्तक ‘खुली खिड़कियां’

आधुनिक हिन्दी साहित्यकारों में मैत्रेयी पुष्पा का एक अहम स्थान है। पर यह स्थान उन्होंने सुगम, सरल और लोकलुभावन साहित्य

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अंक समूह द्वारा ‘बीवियों का मदरसा’ नाटक का मंचन- शारीरिक फार्स कॉमेडी का ज़िम्मेदाराना उपयोग

कहते हैं कि किसी भी चीज की अति बुरी होती है। पर हर नियम के कुछ अपवाद होते हैं। फार्स

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अंक नाट्य समूह की प्रस्तुति ‘अंजी’- एक सहज लड़की की असहज करने वाली कहानी

आगरा के सूरसदन सभागार में लोग बैठे हुए हैं। थोड़ी हलचल है। कुछ बातचीत है। सब दिनेश ठाकुर मेमोरियल नाट्य

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