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रंगलोक नाट्य कोलाज का 'आधे अधूरे' की प्रस्तुति के साथ सफल समापन

जीवनमेंछोटी-बड़ीगतिविधियोंकेबीचभीहमसभीकेसिरपरकुछऐसेसवालमंडरातेरहतेहैं, जिनसेहमहमेशाभागनेकीकोशिशकरतेरहतेहैं।परखासबातहैकियहीसवालहमारेजीवनकीसभीगतिविधियों, घटनाओं
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रंगलोक सांस्कृति संस्थान द्वारा आयोजित 'नाट्य कोलाज' का आगाज़

हम बिहार से चुनाव लड़ रहे हैं
समयऔरयुगकेपरिवर्तनकेबावजूदप्रासंगिकरहनेवालीसाहित्यिककृतियाँएकतरफअपनेरचनाकारोंकीदूरदर्शिताकापरिचयदेतीहैंतोदूसरीतरफइसतरफभीइशाराकरतीहैंकिसमयकेसाथसूरत-ए-हालकितना कमबदलाहै।यहविडंबना

Tandoori Opinion VII

रंगलोक द्वारा 'ताजमहल का टेंडर' की प्रस्तुति: कटाक्ष और हास्य का ज़िम्मेदार उपयोग

कटाक्षऔरव्यंग्यकोअकसरमात्रहास्यसेजोड़करदेखाजाताहै।परइसविधाको केवलइसरूपमेंदेखनाएकसीमितनज़रियाकापरिचायकहै।कटाक्षऔरव्यंग्यकीसबसेमहत्वपूर्णभूमिकाहोतीहैसमाजऔरसाहित्यकेबीचसंबंधस्थापितकरना।जबभीकिसीसाहित्यिकविधामेंकटाक्षऔरव्यंग्यकासमावेशहोता