ऐन्टोन चेखोव की कहानियों का प्रिज़्म समूह द्वारा मंचन-फिज़िकल ह्युमर का सफल उपयोग

फिज़िकल कॉमेडी यानी शारीरिक हास्य, हास्य अभिनय का एक महत्वपूर्ण अंग है। पर सभी कलाकार इस प्रकार के अभिनय को

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हिन्दी धारावाहिकों पर आलोचनात्मक पत्रकारिता का अभाव

दोपहर के एक या दो बजे के समय अगर आप कोई भी जाना-माना हिन्दी समाचार चैनल (एक दो को छोड़कर)

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साहित्य के फिल्मों में अनुरूपण की चुनौतियाँ: ‘शतरंज के खिलाड़ी’ और ‘चोखेर बाली’ का मूल्यांकन

फ़िल्मों की साहित्य पर निर्भरता हमेशा से रही है। बीसवीं सदी के अंत में जब फिल्मों के माध्यम का उदय

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धारावाहिक ‘छोटी सी आशा’ में काव्य का दुर्लभ यथार्थवादी प्रयोग

मौजूदा हिन्दी धारावाहिकों में जहाँ कथावस्तु और कहानी में किसी प्रकार की नवीनता या रचनात्मकता की संभावना लगभग समाप्त कर

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