‘अरे यायावर रहेगा याद?’- अज्ञेय का बहुआयामी यात्रा संस्मरण
1953 में प्रकाशित अज्ञेय द्वारा लिखा गया यात्रा-संस्मरण, अरे यायावर रहेगा याद? हिंदी साहित्य के इतिहास में संग्रहणीय है। आठ अध्याय में विभाजित यह कृति एक महत्वपूर्ण दस्तावेज
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Read Moreफर्ज़ कीजिए कि आप दोपहर में किसी वक्त किसी ट्रेन से आगरा फोर्ट रेल्वे स्टेशन पर उतरे। आपके हाथ में
Read MoreImagine getting off of a train at the Agra Fort Railway Station sometime at noon. You are carrying a bag
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