समीक्षा

Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

धर्म, सत्ता और समाज के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालता नाटक ‘कबीरा खड़ा बाज़ार में’

आम तौर पर कबीरदास का परिचय 15वीं शताब्दी में चले भक्ति आंदोलन के एक प्रमुख कवि और रचनाकार के रूप

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

लियो टॉल्सटॉय की कहानी को नया प्रसंग और अर्थ प्रदान करती नाट्य प्रस्तुति-‘व्लादीमीर का हीरो’

लियो टॉल्सटॉय के साहित्य में  ज़ारशाही के समय के रूस में फैली बदहाली और मुफलिसी और उससे पीड़ित और परेशान

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

‘हमसफर’ नाटक की प्रस्तुति: एक टूटे हुए रिश्ते की सिसीफस-नुमा कहानी

ग्रीक पौराणिक कथा में सिसीफस नाम का एक किरदार है। सिसीफस को ग्रीक देवताओं द्वारा एक अभिशाप मिला था जिसके

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिराजनीति, नीति और शासनसमीक्षा

स्त्री के अस्तित्व को ढूँढती मैत्रेयी पुष्पा की पुस्तक ‘खुली खिड़कियां’

आधुनिक हिन्दी साहित्यकारों में मैत्रेयी पुष्पा का एक अहम स्थान है। पर यह स्थान उन्होंने सुगम, सरल और लोकलुभावन साहित्य

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

अंक समूह द्वारा ‘बीवियों का मदरसा’ नाटक का मंचन- शारीरिक फार्स कॉमेडी का ज़िम्मेदाराना उपयोग

कहते हैं कि किसी भी चीज की अति बुरी होती है। पर हर नियम के कुछ अपवाद होते हैं। फार्स

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

अंक नाट्य समूह की प्रस्तुति ‘अंजी’- एक सहज लड़की की असहज करने वाली कहानी

आगरा के सूरसदन सभागार में लोग बैठे हुए हैं। थोड़ी हलचल है। कुछ बातचीत है। सब दिनेश ठाकुर मेमोरियल नाट्य

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनिबंधविश्लेषणसमीक्षा

शतरंज के खिलाड़ी में सामंतवाद और रीतिकालीन साहित्य के अवसान का आभास

किसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी को गहराई से समझने के लिए, उसके देशकाल, वातावरण, और उद्देश्य से अवगत होना आवश्यक है।

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