समीक्षा

Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतियात्रा, खेल और फुर्सतसमीक्षा

‘अरे यायावर रहेगा याद?’- अज्ञेय का बहुआयामी यात्रा संस्मरण

1953 में प्रकाशित अज्ञेय द्वारा लिखा गया यात्रा-संस्मरण, अरे यायावर रहेगा याद? हिंदी साहित्य के इतिहास में संग्रहणीय है।  आठ अध्याय में विभाजित यह कृति एक महत्वपूर्ण दस्तावेज

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Archive Subscriptionइतिहास और समाजकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

महाश्वेता देवी की कृति ‘झाँसी की रानी’ में इतिहास और उपन्यास के समन्वय की झलक

झाँसी की रानी’ महाश्वेता देवी की 1956 में बांग्ला में प्रकाशित प्रथम गद्य रचना है जिसका हिन्दी में अनुवाद डॉ

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Archive Subscriptionराजनीति, नीति और शासनसमीक्षा

लोहिया का राजनैतिक विमर्श- ‘समता और सम्पन्नता’ लेख संग्रह की एक समीक्षा

स्वतंत्रता आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व एवं योगदान रहा जिनका अंश स्वतंत्रता के उपरान्त बने राष्ट्र की संरचना

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Archive Subscriptionइतिहास और समाजराजनीति, नीति और शासनसमीक्षा

रांगेय राघव का रिपोर्ताज ‘तूफानों के बीच’- बंगाल के अकाल का एक संवेदनशील वर्णन

रांगेय राघव का लिखा रिपोर्ताज तूफानों के बीच  हिन्दी साहित्य की एक अमूल्य कृति है जिसको उन्होंने चार भागों में

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनिबंधसमीक्षा

मध्यमवर्गीय सिनेमा की हिन्दी सिनेमा पर अमिट छाप: ‘चुपके चुपके’ पर एक टिप्पणी

स्त्रोत साठ के दशक के उत्तरार्ध में हिन्दी सिनेमा में बहुत से नए परिवर्तन देखने को मिल रहे थे। भारतीय

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

ओपिनियन तंदूर फ़िल्म क्लब: गर्म हवा की दर्शक-समीक्षा 

वह दौर बहुत मुश्किल रहा होगा। गर्म हवा  फिल्म देखकर यही महसूस हुआ। कई घर उजड़े होंगे, कई दिल टूटे

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

दर्शकों के मन में हलचल पैदा करने वाले नाटक ‘खिड़की’ द्वारा रंगलोक नाट्य उत्सव का समापन

रंगलोक नाट्य महोत्सव के तीसरे संस्करण का इस गुरुवार आगरा शहर के सूरसदन प्रेक्षागृह में प्रिज़्म नाट्य समूह की प्रस्तुति

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