Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनाट्यकलासमीक्षा

ऐन्टोन चेखोव की कहानियों का प्रिज़्म समूह द्वारा मंचन-फिज़िकल ह्युमर का सफल उपयोग

फिज़िकल कॉमेडी यानी शारीरिक हास्य, हास्य अभिनय का एक महत्वपूर्ण अंग है। पर सभी कलाकार इस प्रकार के अभिनय को

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लुबना सलीम की ‘गुड़म्बा’ नाटक में एकल प्रस्तुति- एक लघु समीक्षा

मशहूर लेखक ज़ावेद सिद्दीकी द्व्रारा लिखित तथा सलीम आरिफ़ द्वारा निर्देशित संवेदनशील एकल नाटक ‘गुड़म्बा’, 27 जुलाई को सूरसदन प्रेक्षागृह

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिटेलिविजननिबंध

हिन्दी धारावाहिकों पर आलोचनात्मक पत्रकारिता का अभाव

दोपहर के एक या दो बजे के समय अगर आप कोई भी जाना-माना हिन्दी समाचार चैनल (एक दो को छोड़कर)

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भीड़ की चुप्पी की संस्कृति को रेखांकित करते नाटक ‘बकरी’ का रंगलोक द्वारा मंचन

भीड़ का भी अपना एक समाजशास्त्र होता है। सामाजिक मनोविश्लेषण में भीड़ की मानसिकता का अकसर उल्लेख किया जाता है।

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