उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस का आगरा में आयोजन, आम निवासियों पर असर
भारत में आज भी कई शहरों में दिन चढ़ने के बाद “सब्ज़ी ले लो”, “आलू, मटर, गुहिया…”, जैसी आवाज़ें
Read Moreभारत में आज भी कई शहरों में दिन चढ़ने के बाद “सब्ज़ी ले लो”, “आलू, मटर, गुहिया…”, जैसी आवाज़ें
Read Moreरंगमंच:14 दिसम्बर को रंगलोक सांस्कृतिक संस्थान ने आगरा के सूरसदन ऑडिटोरियम में प्रख्यात अदाकार, लेखक और कवि – पियूष मिश्रा
Read Moreएक बच्चे से उसकी शिक्षा के बारे में पूछे गए कुछ सवालों पर आधारित एक छोटा सा लेख। रमेश
Read Moreप्रस्तावना: किसी भी सामाजिक आलोचना में बहुत सम्भावनाएँ छुपी होती हैं। कला के माध्यम से की गई सामाजिक आलोचना और
Read Moreप्रस्तावना: हिन्दुस्तान के कई शहरों में उच्च माध्यमिक स्तर पर सामाजिक पाठ्य विषयों का विकल्प छात्र-छात्राओं के लिए मौजूद नही
Read Moreप्रस्तावना: शौपिंग मौल्स भले ही बड़े शहरों में आधुनिक उपभोक्ता की पहली पसंद बन चुके हों पर आगरा में उनका
Read More