कला, साहित्य और संस्कृति

Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

‘सिटीज़ ऑफ़ स्लीप’ (2015): नींद का सामाजिक-आर्थिक गणित

गरीबी को कई चश्मों से देखा जाता रहा है। पहले इसे भौतिक वस्तुओं के अभाव में देखा जाता था। अमर्त्य

Read More
Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

नाट्य अभिव्यक्ति को नए आयाम देती रंगलोक की साहसिक प्रस्तुति- ‘कोर्ट मार्शल’

कला के क्षेत्र में एक शब्द जिसका अकसर प्रयोग किया जाता है, वह है पैथोस। कलात्मक अभिव्यक्तियों के लिए इस

Read More
Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिरिपोर्ट

स्मरण प्रेमचंद- 17 संगोष्ठी, आगरा: पत्रकारिता की विरासत और प्रेमचंद

​ प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष में उनकी जन्म वर्षगांठ 31 जुलाई को आरम्भ हुए एक माह तक चलने वाले,

Read More
Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

महाभारत पर आधारित नाटक 'पांसा' से रंगलोक नाट्य महोत्सव का समापन

  महाभारत एक ऐसी कृति है जिसकी अनेक व्याख्याएँ संभव हैं। पात्रों के बीच के जटिल अंतर्संबंधों के कारण अनेक

Read More
Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

रंगलोक नाट्य महोत्सव का रघुवीर यादव के ‘पियानो’ के साथ उम्दा आग़ाज़

स्टाइनवे ग्रांड पियानो का एक विज्ञापन और दो अजनबियों के अकेलेपन को जोड़ते कुछ टेलीफोन कॉल्स। हंगरी के लेखक फ़ेरेन्क

Read More
Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनिबंध

रेख़्ता (उर्दू बोली) को समेट कर पेश कर रही एक अद्भुत साइट- रेख़्ता

पिछले ही कुछ दिनों में फेसबुक पर जाते हीबीच–बीच मेंउर्दू की कुछ बेहतरीनशायरी, गज़लें देखने को मिलजाती थीं। फिर कुछ

Read More
Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

प्रयोगात्मक नाट्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण: रंगलोक द्वारा ‘वनमाखी’ की प्रस्तुति

वनमाखी में गरिमा मिश्रा (साभार: रंगलोक सांस्कृतिक संस्थान) सूरसदन सभागर के तल में बने छोटे से मंच पर शनिवार शाम

Read More