निबंध

Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनिबंधसमीक्षा

आलोचना और पूर्वाग्रह

‘हिन्दी के चर्चित उपन्यासकार’ मिश्र की उपन्यासों और उपन्यासकारों की आलोचना का एक ही पुस्तक में समेटने का बृहद प्रयास है।

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Archive Subscriptionनिबंधयात्रा, खेल और फुर्सत

पोंडीचेरी को समझने की एक नाकाम कोशिश

पोंडीचेरी या पुडुचेरी के बोलिवार्ड के नक्शे को देखेंगे तो पाएंगे कि लम्बी लम्बी लकीरों से कई सारी छोटी छोटी

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिटेलिविजननिबंध

धारावाहिक ‘मिर्ज़ा ग़ालिब’ (1988): यथार्थ, यथार्थवाद और संवेदना के बीच तालमेल ।

  भारतीय टेलिविज़न के मौजूदा स्वरूप को देखकर यह अंदाज़ा नही लगाया जा सकता है कि कभी धारावाहिकों और टीवी

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिटेलिविजननिबंध

कहानी ‘धारावाहिकों’ की।

प्रस्तावना: धारावाहिक दूरसंचार का एक महत्वपूर्ण और संभावनाओं से भरा माध्यम है पर एक गहन शोध और विचार के बिना

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिनिबंध

लोक संस्कृति का जाल- शादी के गीत।

प्रस्तावना: यह कोई बहुत उत्कृष्ट या असाधारण लेख नही है। अपनी ही ज़िन्दगी में हुए कुछ अनुभवों से गुज़रकर कैसे

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Archive Subscriptionनिबंधयात्रा, खेल और फुर्सत

आगरा में शौपिंग मौल्स की असफलता- एक सांस्कृतिक चुनौती

प्रस्तावना: शौपिंग मौल्स भले ही बड़े शहरों में आधुनिक उपभोक्ता की पहली पसंद बन चुके हों पर आगरा में उनका

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