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Showing posts from December, 2016

आगरा में बढ़ते खेल स्पर्धाओं के मौके: दया मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट

आगरा शहर में लोगों की खेलों में रुचि लगातार बढ़ रही है। जहाँ कई बड़े और बच्चे खेलों के द्वारा अपनी सेहत का ख्याल रख रहे हैं, वहीं कई लोग खेलों की स्पर्धाओं में भी रुचि दिखा रहे हैं। माँग और आपूर्ति के सिद्धांत के अनुरूप शहर में खेल की स्पर्धाएँ भी बढ़ रही हैं।
इन्हीं स्पर्धाओं की श्रंखला में ‘श्रीमती दया मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट’ के तीसरे संस्करण का आयोजन शमशाबाद रोड स्थित, थ्राइव स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर में संपन्न हुआ। 25 से 28 दिसंबर तक चले इस टूर्नामेंट में 9, 11, 13, 15, 17 और 19 आयु वर्ग में लड़के और लड़कियों के लिए एकल स्पर्धा का आयोजन हुआ। हर वर्ष की तरह कई ऐसे बच्चों ने इस टूर्नामेंट में शिरकत की जो कई वर्षों से यह खेल सीखते और खेलते आ रहे हैं और वहीं कई ऐसे बच्चे भी इसमें शामिल हुए जिन्होंने नया-नया बैडमिंटन खेलना शुरु किया है।

Independent Candidate Becomes President, ABVP Decimated in Dr. BR Ambedkar University (Agra) Elections

Elections were held on 15th December 2016 in Dr. B.R. Ambedkar University, the results for which were declared late evening on the website of the university. Gaurav Sharma an independent candidate won the president’s post with 33.5% votes, Rajat Malik from Nationals Students’ Union of India (NSUI) won the post of vice-president with 22.7% votes and another independent candidate Chandra Mohan Singh won the post of joint secretary with 27% votes.
Samajawadi Chatra Sabha had fielded candidates under two panels- one under the city chairman Nirvesh Sharma and the other under the district chairman Ramsahaya Yadav. Lekha Rani from the former won the post of general secretary with 34.2% votes and Lalit Tyagi from the latter won the post of Library Secretary with 26.9% votes.

शीरोज़ हैंगआउट की दूसरी वर्षगाँठ- एक संवाद के दो साल

हर साल के मुकाबले इस साल सर्दियों ने समय से पहले ही आगरा शहर में दस्तक दे दी। कोहरे से लबालब माहौल में अब सर्द हवाओं का इज़ाफा भी हो गया है। पर दस दिसंबर की शाम को शहर में एक ऐसी जगह भी थी जहाँ सर्द हवाएँ बेअसर थीं। यह जगह थी फतेहाबाद रोड स्थित शीरोज़ हैंगआउट और मौका था इस कैफ़े के अपने अस्तित्व के दो साल पूरे करने का। उत्साह और गर्मजोशी से लबरेज़ इस माहौल में जश्न था, संगीत था, ठहाके थे और मुस्कुराहटें थीं।