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Showing posts from October, 2016

Shining a Light upon the "Fireflies in the Abyss"

Abysmal an adjective is derived from the word “abyss” or “abysm”. An abyss is a “seemingly bottomless chasm”. Very few people can say “my future is abysmal” and literally mean it. But many in the ‘rat-hole’ mines in the Jaintia Hills in the north-east India have this unfortunate honour as they descend everyday into this abyss of darkness only to ironically render many homes lit.  The 2015 documentary film “Fireflies in the Abyss”, made by Chandrasekhar Reddy, narrates the stories of these individuals as it explores their lives horizontally and quite literally- vertically as well.

धारावाहिक '24', भारतीय धारावाहिक परंपरा में एक नया प्रयोग

पिछले हफ्ते अनिल कपूर की मुख्य भुमिका वाले धारावाहिक ‘24’ के दूसरे सीज़न के कलर्स चैनल पर समाप्त होने के साथ हिन्दी धारावाहिक परंपरा में एक नया अध्याय जुड़ गया। यह पहली बार हुआ कि कोई ऐसा हिन्दी धारावाहिक अपने दो सीज़न सफलतापूर्वक संपन्न कर पाया जिसके दोनों सीज़न की कड़ियों की संख्या पहले से निर्धारित की गईं थी। दोनों सीज़न में तीन साल का अंतराल था और कहानी जहाँ तीन साल पहले समाप्त हुई थी, तीन साल के अंतराल पर वहीं से शुरु की गई। हालांकि भारतीय दर्शकों को फिल्मों के स्वीकेल बनने की काफी समय से चली आ रही परंपरा के कारण किसी कहानी के लंबे अंतराल के बाद लौटने का अनुभव हो चुका है (सबसे पहले ऐसे प्रयोग में शामिल थीं श्रीदेवी की मुख्य भुमिकाएँ वालीं निगाहें और नगीना), पर धारावाहिकों की तेज़ी से चलती-बदलती दुनिया में ऐसे प्रयोग कम ही किये गए हैं, और पूर्व-निर्धारित रणनीति के साथ किया गए प्रयास में सिर्फ ‘24’ को ही गिना जा सकता है। अमेरिकी धारावाहिक ‘24’ का यह हिंदी प्रारूप एक दिन के 24 घंटों को को एक-एक घंटे की 24 कड़ियों में दिखाता है जिसमें घटनाएँ निरन्तर घटती रहती हैं बिना किसी सामयिक अंतराल के।