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Showing posts from September, 2016

हिन्दी एक्शन-फंतासी कॉमिक उपसंस्कृति की यात्रा- इंद्रजाल से लेकर राज कॉमिक्स तक

एक्शन और फंतासी का मिलन एक बेहद शक्तिशाली सांस्कृतिक गठजोड़ है। और अक्सर यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण गठजोड़ उपभोक्तावाद के लिए भी बहुमूल्य हो जाता है। हैरी पॉर्टर की उपन्यास श्रंखला के लिए पूरे विश्व में दीवानगी को देख लीजिए या फिर अमेरिका की कॉमिक बुक इंडस्ट्री की आपार सफलता को ही, एक्शन और फंतासी की ताकत का अंदाज़ा आपको लग जाएगा। इस गठजोड़ से हमेशा एक उपसंस्कृति का जन्म होता है जिससे उपजे संसार या फिर बहु-संसारों में बच्चे और युवा रोमांच और आनंद तलाशते हैं।
क्योंकि यह उपसंस्कृति भाषा से निर्मित होती है, इसलिए अलग-अलग भाषाएँ और उनका सामाजिक संदर्भ इन उपसंस्कृतियों का स्वरूप निर्धारित करते हैं। हिन्दी भाषा में आधुनिक समय में पहला एक्शन और फंतासी का गठजोड़, हिन्दी साहित्य के पहले उपन्यासों में से एक, देवकी नंदन खतरी द्वारा रचित ‘चंद्रकांता’ में देखा जा सकता है। तिलिस्म और एक्शन से भरपूर इस उपन्यास में कई ऐसे तत्व थे जिन्होंने इस रचनावली को उस समय में ही नहीं, बल्कि आगे के समय में भी लोगों के लिए रोचक और आकर्षक बनाए रखा।
हिन्दी कॉमिक बुक्स का संसार कभी बहुत समृद्ध या वृहद नहीं रहा, पर एक…

A Day At The Davis Cup: No Upsets Except One

The last time that the RK Khanna Tennis Stadium in Delhi, witnessed such a crowd or perhaps not even then was during the Commonwealth Games 2010 finals when Sania Mirza and Somdev Devvarman had made it to the finals. As soon as the news broke out that Indian Tennis team has drawn Spain for the World Group Play-Offs the anticipation started building up of a possible appearance of some of the biggest names in tennis in Delhi. After all, the Spanish Armada (as the Spanish tennis team is popularly called) comprises of names like Feliciano Lopez, David Ferrer and last but by no means the least- Rafael Nadal.