शतरंज के खिलाड़ी- एक साहित्यिक राजनीतिक व्याख्या
हिंदी साहित्य को जानने वाला शायद ही कोई ऐसा होगा जो प्रेमचंद को नहीं जानता हो और उनके साहित्य से परिचित शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने उनकी कहानी, ‘शतरंज के खिलाड़ी’ ना पढ़ी हो। यह कहानी वाजिद अली शाह के शासनकाल को चित्रित करती हुई एक उत्कृष्ट रचना है जिसमें सामंतवाद और रीतिकालीन साहित्य के अवसान यानि ढलाव का आभास होता है। ये है प्रेमचंद की कहानी ‘शतरंज के खिलाड़ी’ की साहित्यिक, राजनीतिक व्याख्या।
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