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हिंदी एक्शन-फंतासी कॉमिक्स की उपसंस्कृति

कॉमिक्स - खाँचों में बँटे पन्नों में हाथ से बनाए चित्रों और शब्दों के मेल से कहानी कहने का एक नायाब तरीका। एनिमेशन से पहले सिलसिलेवार चित्रों से बने कथानक की कल्पना कॉमिक्स में ही की गई थी। अगर किसी एक तरह की कॉमिक्स ने साहित्य से बाहर की दुनिया में अपना सबसे ज़्यादा असर छोड़ा है तो वो है एक्शन - फंतासी कॉमिक्स, फिर चाहे वो फिल्में हो या टेलिविजन । भारत में हिंदी- सांस्कृतिक स्पेस में भी एक्शन फंतासी की अपनी एक खास जगह रही है पर क्या एक्शन फंतासी कॉमिक्स के मौलिक प्रिंट प्रारूप की उपसंस्कृति का भी हिंदी पाठकों की दुनिया में कोई वजूद रहा है? अगर हाँ तो इस उपसंस्कृति का इतिहास और वर्तमान कैसा है? आईए जानते हैं इस वीडियो में हिंदी एक्शन-फंतासी कॉमिक-उपसंस्कृति के बारे में।

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