जातिवाद

Archive Subscriptionइतिहास और समाजकला, साहित्य और संस्कृतिनिबंधविश्लेषणसमीक्षा

हिंसा और वीभत्सता से ओत-प्रोत आधुनिक पौराणिक उपन्यास

  (लेखिका परिचय- अमिता चतुर्वेदी ने हिन्दी साहित्य में एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। यह लेख मूलत: उनके ब्लॉग ‘अपना परिचय ‘ पर

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

नाट्य अभिव्यक्ति को नए आयाम देती रंगलोक की साहसिक प्रस्तुति- ‘कोर्ट मार्शल’

कला के क्षेत्र में एक शब्द जिसका अकसर प्रयोग किया जाता है, वह है पैथोस। कलात्मक अभिव्यक्तियों के लिए इस

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Archive Subscriptionनिबंधराजनीति, नीति और शासन

ज्योतिराव फूले द्वारा रखी गई वैचारिक नींव और आज की राजनीति के बीच का फासला

1827 में महाराष्ट्र में जन्मे ज्योतिराव फूले, इस देश के कुछ गिने–चुने सामाजिक–सुधारकों में से थे जिन्होंने सामाजिक-सुधार को समग्रता से

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिराजनीति, नीति और शासनसमीक्षा

मुज़फ़्फ़रनगर की बात चली तो… :ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा-“जूठन” से परिचय।

मुज़फ़्फ़रनगर पिछले कुछ दिनों बेहद गलत कारणों से चर्चा में रहा। सांप्रदायिक हिंसा और हज़ारों लोगों (खास कर अल्पसंख्यकों) के

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Archive Subscriptionकला, साहित्य और संस्कृतिसमीक्षा

अभिव्यक्ति में संभावनाएँ: ‘रंगलोक’ समूह द्वारा ‘जाति ही पूछो साधू की’ नाटक का मंचन।

प्रस्तावना: किसी भी सामाजिक आलोचना में बहुत सम्भावनाएँ  छुपी होती हैं।  कला के माध्यम से की गई सामाजिक आलोचना और

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Archive Subscriptionराजनीति, नीति और शासनविश्लेषण

उच्च जातीय पत्रिकाएँ: जातिगत राजनीति की उपकरण।

प्रस्तावना: जहाँ जातिगत राजनीति निम्न जाति वर्ग के लिए उपेक्षा और अन्याय के विरुद्ध लड़ने का माध्यम बनती है, वहीं

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