साहित्य, सिनेमा और अनुरूपण: शेक्सपियर के ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ पर आधारित गुलज़ार द्वारा निर्देशित ‘अंगूर’

हिंदी सिनेमा का साहित्य से रिश्ता बहुत गहरा तो नही है पर  शेक्सपियर की कहानियों को हिंदी निर्देशकों ने बहुत

Read more

महाभारत पर आधारित नाटक 'पांसा' से रंगलोक नाट्य महोत्सव का समापन

  महाभारत एक ऐसी कृति है जिसकी अनेक व्याख्याएँ संभव हैं। पात्रों के बीच के जटिल अंतर्संबंधों के कारण अनेक

Read more

धारावाहिक ‘मिर्ज़ा ग़ालिब’ (1988): यथार्थ, यथार्थवाद और संवेदना के बीच तालमेल ।

–सुमित चतुर्वेदी   भारतीय टेलिविज़न के मौजूदा स्वरूप को देखकर यह अंदाज़ा नही लगाया जा सकता है कि कभी धारावाहिकों

Read more