Skip to main content

Contact / संवाद के लिए

अगर आप कोई आयोजन कर रहे हों, जैसे की कोई गोष्ठी, रंगमंच प्रस्तुति, कोई खेल प्रतियोगिता, किसी और तरह की प्रतियोगिता जैसे चित्रकारी, वाद-विवाद, लेखन आदि, तो आप इसकी सूचना इस ब्लॉग के माध्यम से एक मामूली से शुल्क के बदले प्रसारित कर सकते हैं।  बस opinion.tandoor@gmail.com पर एक मेल लिखें जिसमें विषय में Events लिखना ना भूलें। और किसी जानकारी के लिए भी आप यहां संपर्क कर सकते हैं।  आयोजन से कम से कम  दो हफ्ते पहले सूचित करें।

Now this blog is available to notify any event be it a seminar, a theatre performance, a sporting competition or a competition of any other kind such as drawing, painting, debate, essay writing etc. If you wish to notify an event that you are organising through this blog please write in to opinion.tandoor@gmail.com and in return for a nominal fee the events section will display it. For more information also you may contact here. Please remember to mention "Events" in the subject line. Please contact at least two weeks before the event.

यदि आप इस ब्लॉग पर कोई विज्ञापन या इश्तेहार प्रदर्शित करने के इच्छुक हैं तो मेल के विषय में विज्ञापन लिख कर opinion.tandoor@gmail.com पर मेल करें।

If you wish to advertise on this blog, write in a mail with the subject "Advertisement" to opinion.tandoor@gmail.com.

अगर आप के पास Opinion तंदूर के साथ जुड़ने का कोई और सुझाव है, जैसे कि कोई लेख, शोध या फिर कोई कार्यक्रम जिसमें इस ब्लॉग की भागीदारी हो सके तो opinion.tandoor@gmail.com पर एक मेल लिखें जिसे  विषय में Idea लिखकर भेज सकते हैं।

If you have any other idea to collaborate with Opinion तंदूर like an article, research or any other programme in which you want to link this blog then just send in a mail at opinion.tandoor@gmail.com with Idea in the subject.

बाकी किसी भी और जानकारी या सुझाव के लिए opinion.tandoor@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं या फिर ब्लॉग के नीचे दिए फॉर्म के द्वारा संपर्क करें।  

For any other information or suggestion you contact through opinion.tandoor@gmail.com or use the form at the bottom of the blog for the same. 

Most Read

उच्च माध्यमिक स्तर पर सामाजिक पाठ्य विषय: महत्व और वस्तुस्थिति।

प्रस्तावना: हिन्दुस्तान के कई शहरों में उच्च माध्यमिक स्तर पर सामाजिक पाठ्य विषयों का विकल्प छात्र-छात्राओं के लिए मौजूद नही है। पर इस स्थिति पर एक समग्र विश्लेषणात्मक शोध की भारी कमी है।विज्ञान, वाणिज्य, कला या अन्य विषय समूह से चुने गए विषय ही निर्धारित करते हैं कि विद्यार्थी आगे जा कर किस क्षेत्र में काम करेगा पर साथ ही यह भी कि उसका सामाजिक और राजनैतिक दृष्टिकोण क्या होगा। इसलिए सामाजिक पाठ्यक्रम को मिलने वाली चुनौतियों के मद्देनज़र उच्च माध्यमिक स्तर पर ध्यान देना अति आवश्यक है।

Ranglok Theatre Festival: Putting Agra On The Indian Theatre Map

Monsoon perhaps inspires more art than any other season; especially performance art. So, what could be better than a festival of theatre to be held right in the midst of this season. Ranglok Sanskritik Sansthan, one of the most prominent theatre groups in the city of Agra, is bringing a four-day theatre festival to the iconic Sursadan auditorium in Agra this month. To be held from 22nd of July till 25th of July, Ranglok Theatre Festival will feature four plays.

हिन्दी एक्शन-फंतासी कॉमिक उपसंस्कृति की यात्रा- इंद्रजाल से लेकर राज कॉमिक्स तक

एक्शन और फंतासी का मिलन एक बेहद शक्तिशाली सांस्कृतिक गठजोड़ है। और अक्सर यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण गठजोड़ उपभोक्तावाद के लिए भी बहुमूल्य हो जाता है। हैरी पॉर्टर की उपन्यास श्रंखला के लिए पूरे विश्व में दीवानगी को देख लीजिए या फिर अमेरिका की कॉमिक बुक इंडस्ट्री की आपार सफलता को ही, एक्शन और फंतासी की ताकत का अंदाज़ा आपको लग जाएगा। इस गठजोड़ से हमेशा एक उपसंस्कृति का जन्म होता है जिससे उपजे संसार या फिर बहु-संसारों में बच्चे और युवा रोमांच और आनंद तलाशते हैं।
क्योंकि यह उपसंस्कृति भाषा से निर्मित होती है, इसलिए अलग-अलग भाषाएँ और उनका सामाजिक संदर्भ इन उपसंस्कृतियों का स्वरूप निर्धारित करते हैं। हिन्दी भाषा में आधुनिक समय में पहला एक्शन और फंतासी का गठजोड़, हिन्दी साहित्य के पहले उपन्यासों में से एक, देवकी नंदन खतरी द्वारा रचित ‘चंद्रकांता’ में देखा जा सकता है। तिलिस्म और एक्शन से भरपूर इस उपन्यास में कई ऐसे तत्व थे जिन्होंने इस रचनावली को उस समय में ही नहीं, बल्कि आगे के समय में भी लोगों के लिए रोचक और आकर्षक बनाए रखा।
हिन्दी कॉमिक बुक्स का संसार कभी बहुत समृद्ध या वृहद नहीं रहा, पर एक…