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Showing posts from March, 2017

Women's Tennis in India: Out of Sight, Out of Mind?

Women’s tennis is growing leaps and bounds as a sport as well as a commercial brand. Yet India is witnessing dwindling support for the sport, even though women tennis players are not only the most popular sportswomen on the planet but also the most prominent global icons for sports-male or female. Who wouldn’t recognise the names Martina Navratilova, Steffi Graf, Serena Williams or Maria Sharapova at the drop of a hat?

'पंछी ऐसे आते हैं': रंगलोक द्वारा संजीदगी और हास्य लिए संतुलित मंचन

जहाँ बड़े शहरों में नाटकों का मंचन वाणिज्यिक और गैर-वाणिज्यिक रूप से निरन्तर होता रहता है, वहीं छोटे शहरों में नाट्य विधा को जीवित रखना आसान काम नहीं है। एक तो नाटकों का मंचन करने के लिए संसाधनों का इंतज़ाम करना, दर्शकों में इसके प्रति रुचि बानए रखना और फिर नए कलाकारों को नाटक विधा के प्रति निरन्तर आकर्षित करना, ये कुछ ऐसी चुनौतियाँ हैं जिनसे नाटक से जुड़े लोगों को, खास कर छोटे शहरों में, लगातार जूझना पड़ता है।
ऐसी ही एक जद्दोजहद में लगे रहने वाले एक नाट्य समूह का नाम है रंगलोक सांस्कृतिक संस्थान जो आगरा शहर में नाट्य विधा को जीवित और जीवंत रखने में पिछले कई वर्षों से लगा हुआ है। ताज महोत्सव के अंतर्गत 24 मार्च को रंगलोक ने सूरसदन प्रेक्षागृह में विजय तेंडुलकर द्वारा लिखित मराठी नाटक का हिन्दी रूपान्तरण- “पंछी ऐसे आते हैं” का सफल मंचन किया। खास बात यह है कि यह मंचन इस समूह की शहर में 22वीं पेशकश थी जो कि आगरा शहर के मद्देनज़र एक बड़ा कीर्तिमान है।