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आगरा में बढ़ते खेल स्पर्धाओं के मौके: दया मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट

श्रीमती दया मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट में विजेता, उप-विजेता और प्रतिभागी अपने प्रशिक्षकों के साथ 

आगरा शहर में लोगों की खेलों में रुचि लगातार बढ़ रही है। जहाँ कई बड़े और बच्चे खेलों के द्वारा अपनी सेहत का ख्याल रख रहे हैं, वहीं कई लोग खेलों की स्पर्धाओं में भी रुचि दिखा रहे हैं। माँग और आपूर्ति के सिद्धांत के अनुरूप शहर में खेल की स्पर्धाएँ भी बढ़ रही हैं।

इन्हीं स्पर्धाओं की श्रंखला में ‘श्रीमती दया मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट’ के तीसरे संस्करण का आयोजन शमशाबाद रोड स्थित, थ्राइव स्पोर्ट्स एंड फिटनेस सेंटर में संपन्न हुआ। 25 से 28 दिसंबर तक चले इस टूर्नामेंट में 9, 11, 13, 15, 17 और 19 आयु वर्ग में लड़के और लड़कियों के लिए एकल स्पर्धा का आयोजन हुआ। हर वर्ष की तरह कई ऐसे बच्चों ने इस टूर्नामेंट में शिरकत की जो कई वर्षों से यह खेल सीखते और खेलते आ रहे हैं और वहीं कई ऐसे बच्चे भी इसमें शामिल हुए जिन्होंने नया-नया बैडमिंटन खेलना शुरु किया है।

इन स्पर्धाओं के विजेताओं और उप-विजेताओं के स्थान में कई नए और पुराने नाम देखने को मिले। 19 वर्ष के आयु वर्ग में लड़कों में आदित्य गौर ने एक-तरफा मुकाबले में विवेक जादोन को हराया, वहीं लड़कियों में राधा ठाकुर ने विदुषी यादव को हराकर एक बार फिर इस खिताब को अपने नाम किया। गौरतलब है कि राधा हाल ही में लखनऊ में हुई आयोजित स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप में सेमी-फाइनल तक पहुँची थीं।

17 वर्ष के आयु वर्ग में लड़कियों में जागृति सिंह ने शिरोडिया सरकार को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में हराकर खिताब अपने नाम किया और लड़कों में दुष्यंत झा ने आदित्य गौर को एक तरफा मुकाबले में हराया। दुष्यंत झा इस समय राष्ट्रीय 13 वर्ष के आयु वर्ग की रैंकिंग में शीर्ष 50 में शामिल हैं। टूर्नामेंट में सिर्फ दो आयू वर्गों में नाम दर्ज करा पाने की शर्त के चलते उन्होंने 15 और 17 वर्ष के आयु वर्ग में अपनी दावेदारी पेश की थी। 15 वर्ष केए आयु वर्ग में शिरोडिया सरकार ने अंजली जोशी को फाइनल में हराया और आयूष अग्रवाल ने दुष्यंत झा को तीन गेम में चले मैच में शिकस्त दी।

अभय झा ने लड़कों के 13 वर्ष के आयु वर्ग में आदित्य व्यास को हराकर और 11 वर्ष के आयु वर्ग में सिद्धार्थ यादव को हराकर, दोनों खिताब अपने नाम किए। अभय ने गतवर्ष पी एन बी मेट लाइफ टूर्नामेंट के ज़ोनल में फाइनल में जगह बनाकर इस वर्ष हुए राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए क्वालिफाइ किया था, जहाँ वह क्वार्टर फाइनल तक पहुँचे थे। वहीं सारिका यादव ने लड़कियों के 13 वर्ष के आयु वर्ग में मैत्री चतुर्वेदी को हराकर और 11 वर्ष के आयु वर्ग में गार्गी शर्मा को हराकर, दोनों खिताब जीत लिए। सारिका ने भी पी एन बी मेटलाइफ के ज़ोनल आयोजन में पिछले वर्ष सेमीफाइनल तक जगह बनाई थी और इस वर्ष के राष्ट्रीय स्तर के लिये क्वालिफाइ किया था जिसमें वह क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थीं।

9 वर्ष के आयु वर्ग में लड़कों में वैभव पचौरी ने योगेन्द्र नरवार को फाइनल में हराया और लड़कियों में दिव्यांशी ने तनीषा मेहता को हराकर खिताब अपने नाम किया।




टूर्नामेंट के ज़िला स्तर पर रैंकिंग स्तर का होने के कारण, इनमें से शीर्ष चार स्थानों पर रहने वाले प्रतियोगियों को ज़िले से राज्य स्तरीय स्पर्धाओं में भाग लेने का मौका मिलेगा। इनमें से कई बच्चे बैडमिंटन के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय स्पर्धाओं में लगातार प्रतिभाग करते रहते हैं और खेल में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

जहाँ शहर के एकलव्य स्टेडियम में हर वर्ष जिला स्तरीय बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन होता आया है वहीं पिछले तीन वर्षों से थ्राइव स्पोर्ट्स सेंटर में हो रहे इस आयोजन के द्वारा अपने ही शहर में अपने समकक्ष खिलाड़ियों के साथ खेलने का एक और मौका इन बच्चों को मिल रहा है।

खेलों की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए इतना काफी नहीं है कि और लोग खेलों में भाग लेना शुरु करें, बल्कि यह भी आवश्यक है कि खेलों की स्पर्धाओं का अधिक से अधिक आयोजन हो जिसमें इन उभरते खिलाड़ियों को अपने खेल को और निखारने का अवसर मिले। उभरते हुए शहरों में इस तरह के आयोजन, समाज में खेल और स्वास्थ्य परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव डालने में सक्षम हैं।      

  

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