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Showing posts from December, 2015

तंदूरी Opinion V

"जब शहर हमारा सोता है": रंगलोक समूह का उत्कृष्ट मंचन

रंगमंच:14 दिसम्बर को रंगलोक सांस्कृतिक संस्थान ने आगरा के सूरसदन ऑडिटोरियम में प्रख्यात अदाकार, लेखक और कवि - पियूष मिश्रा द्वारा लिखित “जब शहर हमारा सोता है” का मंचन किया। यह नाटक लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा रंगलोक सांस्कृतिक संस्थान, आगरा में आयोजित तीस दिन चली कार्यशाला की प्रस्तुति थी जिसका निर्देशन किया है डिम्पी मिश्रा ने।
प्रस्तुति से पहले दर्शकों से मुखातिब भारतेंदु नाट्य अकादमी के निदेशक अरुण कुमार त्रिवेदी ने बताया कि अकादमी द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के दस चुनिंदा शहरों में यह कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं जिनसे यहाँ के उभरते और स्थापित कलाकारों को अपनी प्रतिभा को निखारने और प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।