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असल दुनिया के हैशटैग।

फोटो निबंध: कभी लैंडलाइन वाले फोन के निचले कोने में अलग थलग पड़े रहने वाले, कभी ना काम आने वाले चार लकीरों से बने हैश के अब दिन फिर गए हैं। कभी सही मायनों में हाशिए पर पड़े रहने वाला हैश आज देश और दुनिया की नब्ज़ का हाल बताता है। ये सब हुआ है सोशल मीडिया की क्रांति की बदौलत। आज चाहे आस पड़ौस की खबर जानना पहले जितना ही मुश्किल क्यों ना हो दुनिया के किसी भी देश में चहल पहल की वजह हैशटैग के माध्यम से आराम से पता चल जाती है। हैशटैग कोई नया इजाद तो नहीं है, पर उसका यह प्रयोग एक इजाद ज़रूर है। आजकल राजनीति, मनोरंजन, अर्थ व्यवस्था और बाकि सामाजिक गतिविधियों का एजेंडा हैशटैग से ही निर्धारित होता है।

हैशटैग की इस बदली हुई किस्मत के लिए उसको हार्दिक बधाई। काश सबके दिन ऐसे ही बदलें। सोशल मीडिया की दुनिया में वॉल पर समाज की नब्ज़ भले ही आज पकड़ में आती हों पर असल दुनिया में ये सिलसिला हमेशा से चला आ रहा है। असल दुनिया में दीवारों पर, होर्डिंग पर, बैनर, पर्चों आदि में लोग अपने संदेशों को हमेशा से चर्चित करते आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों असल दुनिया की नब्ज़ पकड़ने की ऎसी ही एक कोशिश के तहत खींची गई कुछ तस्वीरों का संग्रह पेश है। इनमें अधिकाँश आगरा शहर से हैं और कुछ चेन्नई से। इन्हें आप 'असल दुनिया के हैशटैग' कह सकते हैं। 


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-सुमित।


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